Source : Wadhwani Foundation
Wednesday, July 16, 2014 11:10AM IST (5:40AM GMT)
 
एनएसक्यूएफ हरियाणा प्रोजेक्ट ने 134 छात्रों का प्लेसमेंट रिकॉर्ड किया
 
Gurgaon, Haryana, India
  • आईटी/आईटीईएस, ऑटोमोटिव, सिक्यूरिटी और रीटेल क्षेत्रों में बहुराष्ट्रीय निगमों ने हरियाणा सरकार के स्कूलों से व्यावसायिक शिक्षा के छात्रों की नियुक्ति की
  • 134 छात्रों को बहुराष्ट्रीय निगमों जैसे मार्क्स एंड स्पेंसर, विप्रो टेक्नालॉजिज, टॉप्स, पेरेग्रिन, चेकमेट, डिश टीवी आदि में रखा गया
  • एनएसक्यूएफ के तहत पायलट परियोजना एमएचआरडी से स्वीकृत परियोजना है जिसे तीन सितंबर 2012 को शुरू किया गया था और हरियाणा सरकार का सेकेंड्री शिक्षा निदेशालय चला रहा है
  • पूरी तरह सफल एनएसक्यूएफ हरियाणा प्रोग्राम 8 जिलों और 40 स्कूलों से बढ़कर 21 जिलों और 240 स्कूलों में पहुंच गया है और 25,000 छात्रों को कवर करता है
  • वाधवानी फाउंडेशन ने हरियाणा सरकार के साथ प्रोग्राम मैनेजमेंट और नॉलेज पार्टनर की तरह साझेदारी की है ताकि सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री शिक्षा मुहैया कराने में राज्य सरकार की सहायता की जा सके
  • एनएसक्यूएफ हरियाणा के सरकारी स्कूलों के छात्रों में व्यावसायिक शिक्षा को उद्योग के मानकों के अनुसार मुख्यधारा में लाता है और काम की दुनिया के लिए तैयार करता है

गुड़गांव: हरियाणा राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने अपने एनएसक्यूएफ प्रोग्राम मैनेजमेंट एंड नॉलेज पार्टनर, वाधवानी फाउंडेशन (डब्ल्यूएफ) ने आज संयुक्त रूप से 134 छात्रों के नए प्लेसमेंट की घोषणा की। यह भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एनएसक्यूएफ के तहत इस समय चल रहे पायलट प्रोजेक्ट के भाग के रूप में है। प्लेसमेंट की प्रक्रिया में नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) और ट्रेड के लिए खास सेक्टर स्किल्स कौंसिल ने हरियाणा के सेकेंड्री शिक्षा निदेशालय और वाधवानी फाउंडेशन ने प्रमुख भूमिका निभाई।  

हरियाणा राज्य में शिक्षा चाहने वाले को मूल्य वाली शिक्षा, उच्च गुणवत्ता वाला शिक्षण और अनुसंधान मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा राज्य के छात्रों का संपूर्ण विकास करने की जिम्मेदारी लेता है और इसके  लिए प्रतिबद्ध है।  हरियाणा राज्य में इस उद्देश्य से आने वालों के साथ-साथ वह जिस समाज से आता है उसके सपने सच करने के लिए हर संभव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बात का ख्याल रखते हुए प्रदेश सरकार छात्रों को नौकरी पर रखने की योग्यता से लैस करने पर जोर दे रही है और इस दिशा में अग्रणी प्रयास कर रही है। नेशनल स्किल्स क्वालीफिकेशन फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) को राज्य के 8 जिलों के 40 स्कूलों में शुरू करके 4800 छात्रों तक पहुंचने वाला यह पहला राज्य है। एनएसक्यूएफ के तहत पायलट परियोजना सेंकेंड्री और सीनियर सेंकेंड्री स्कूल को लक्ष्य करती है। इसकी शुरुआत 3 सितंबर 2012 को हरियाणा में की गई थी। एनएसक्यूएफ कक्षा नौ और 12 के छात्रों को परिणाम आधारित रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रम पढ़ाने पर ध्यान देता है और यह खास उद्योगों जैसे रीटेल, आईटी, सुरक्षा और ऑटोमोबाइल के पाठ्यक्रम का अभिन्न भाग है। प्रत्येक रोजगार की भूमिका के लिए पाठ्यक्रम चार स्तर (लेवल-1 से लेवल-4) में बंटा हुआ है और यह एनएसक्यूएफ से तालमेल में है। छात्रों को काम-काजी अंग्रेजी का भी प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि उन्हें कार्यस्थल पर दैनिक जरूरत की चर्चा करने में सहायता की जा सके।  

एनएसक्यूएफ हरियाणा के तहत छात्रों के प्लेसमेंट में भारी सफलता मिलने से प्रसन्न प्रदेश की एडिशनल चीफ सेक्रेट्री (स्कूल शिक्षा) श्रीमती सुरिना राजन ने कहा, “कौशल प्रशिक्षण के विस्तार का एकमात्र तरीका है मुख्यधारा की शिक्षा में कदम रखना। एनएसक्यूएफ ने हरियाणा में सेकेंड्री स्कूल के छात्रों के लिए मौकों की संभावना प्रस्तुत कर दी है। यह कार्यक्रम छात्रों को एकदम जमीनी स्तर पर लाभ पहुंचाता है और उनका भविष्य बेहतर करता है तथा इसकी सफलता पास करने वाले छात्रों की सफलता से स्थापित होती है जो उन्हें संगठित क्षेत्र में रोजगार मिलने के रूप में होता है। इस निस्वार्थ प्रयास के लिए मैं पूरे प्रदेश की टीम का आभार जताती हूं कि उन्होंने एनएसडीसी, एसएससी और हमारे प्रोग्राम मैनेजमेंट तथा नॉलेज पार्टनर, वाधवानी फाउंडेशन के साथ मिलकर काम किया और इनके समर्थन के बिना इतने कम समय में ऐसा प्रशंसनीय परिणाम देना मुश्किल होता। मैं उद्योग के अपने साझेदारों को भी धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने इस तरह की नई नियुक्ति में बेजोड़ प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि का प्रदर्शन किया है।


इस योजना के पायलट की शुरुआत 2012 में प्रदेश के 40 स्कूलों में हुई थी। अब यह पूरी तरह तैयार हो चुका है और कक्षा 12 के 1673 छात्रों ने लेवल 4 के पद की परीक्षा दी है। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता का अंदाजा इस बात से चलता है कि इन छात्रों की नियुक्ति के लिए उद्योग स्कूल में आकर कैम्पस प्लेसमेंट अभियान चलाना चाहते हैं। कुछ जिलों में तीन ट्रेड के लिए स्कूल कैम्पस प्लेसमेंट आयोजित किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में और भी प्लेसमेंट की तैयारी चल रही है तथा प्रदेश का लक्ष्य है कि इस महत्त्वाकांक्षी अभियान में पूरी सफलता हासिल की जाए और सभी इच्छुक छात्रों का प्लैसमेंट करा दिया जाए। यह पूरा अभियान जुलाई के अंत तक खत्म होना निर्धारित हैं।

इस दूरदर्शी कार्यक्रम की शुरुआत और इसे चलाते रहने के लिए हरियाणा सरकार तथा इसके शिक्षा विभाग को बधाई देते हुए स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क, वाधवानी फाउंडेशन के डायरेक्टर अजय गोयल ने कहा, “एनएसक्यूएफ प्रोग्राम उद्योग और शिक्षा क्षेत्र की गठजोड़ वाली भूमिका को उद्योग के नौकरी पर रखने योग्य युवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए अभिन्न के रूप में काम करता है। वाधवानी फाउंडेशन में रोजगार के मौके तैयार करना हमारा मुख्य लक्ष्य है तथा अभी तक 350 से ज्यादा छात्रों का सफल प्लेसमेंट (तथा कई और की संभावना) कार्यक्रम की सफलता का बढ़िया संकेत है और मैं हरियाणा के शिक्षा विभाग को धन्यवाद देता हूं कि उसने इस दिशा में इतना प्रयास किया। इस काम में हमें हरियाणा की एडिशनल चीफ सेक्रेट्री (स्कूल शिक्षा) श्रीमती सुरिना राजन का भी पूरा समर्थन मिला। उन्होंने एनएसक्यूएफ प्रोग्राम को दूरदर्शी नेतृत्व मुहैया कराया है। इनके साथ-साथ डायरेक्टर सेकेंड्री एजुकेशन श्री विवेक अत्री ने भी परियोजना को आगे बढ़ाने में पूरी सहायता दी और इसमें उनकी समर्पित तथा प्रतिबद्ध टीम का पूरा साथ मिला। यही नहीं, स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों ने एनएसक्यूएफ के लिए मजबूत मंच बनाने में जो भूमिका अदा की वह भी कम महत्त्वपूर्ण नहीं है। वाधवानी फाउंडेशन ने एनएसक्यूएफ को लागू करने के लिए प्रोग्राम मैनेजमेंट सपोर्ट मुहैया कराया। पर इस कार्यक्रम की सफलता तथा बाद में हुए प्लेसमेंट  में नामांकित छात्रों और शिक्षकों के लगाव तथा उत्साह की अहम भूमिका रही।”   

एनएसक्यूएफ हरियाणा बेहद सफल पीपीपी प्रोग्राम रहा है और इसने अल्प अवधि में ही दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की की है। इसका विस्तार 8 से 21 शहरों, 4 से 7 सेक्टर के लिए खास कौशल वाले पाठ्यक्रमों तथा 40 से 240 स्कूलों तक हुआ है जो 25,000 छात्रों की जरूरतें पूरी करता है। इसे सर्वश्रेष्ठ व्यवहार के रूप में देखा जाता है और कई राज्य सरकारों ने लागू करने का काम शुरू कर दिया है या सेंकेंड्री स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को भी मुख्यधारा में लाने की योजना पर काम कर रही हैं। वाधवानी फाउंडेशन के साथ मिलकर प्रदेश ने मानक परिचालन प्रक्रिया मैनुअल तैयार किया है जो इस परियोजनाओं पर इसके अनुभवों पर आधारित है। इस मैनुअल में संबंधित गतिविधियों की विस्तृत मैपिंग, उपयोग में लाए गए भिन्न टूल्स और विकसित प्रक्रियाएं, दस्तावेज और डीएसई के प्रमुख आदेश/नोटिस, प्रोटोकोल जो बनाए गए हैं और प्रक्रिया जो तय की गई हैं – शामिल हैं। इसका उपयोग संबंधित राज्यों द्वारा किया जा सकता है और इन्हें अपने स्कूलों में ऐसी ही परियोजना लागू करने के लिए अपनाया जा सकता है।    

नियुक्ति के लिए जो कंपनियां आईं उन्हें उम्मीदावारों की गुणवत्ता और प्रतिबद्धता से सुखद आश्चर्य हुआ। बिग बाजार रीटेल के एचआर मैनेजर नीरज शर्मा ने कहा, “दूसरी जगह नियुक्ति के दौरान आने वाले उम्मीदवारों और एनएसक्यूएफ पहल के स्किल डेवलपमेंट मोड्यूल के जानने के बाद प्लेसमेंट के लिए आने वाले उम्मीदवारों में भारी अंतर होता है। ये छात्र बेहद परिश्रमी होते हैं और आसानी से नौकरी पर रखने लायक हैं। सच तो यह है कि इससे हमें 30 दिनों की बचत होती है तो आमतौर पर नए नियुक्ति किए गए लोगों को प्रशिक्षण देने में लगाते हैं। और यह हमारे जैसे नियोक्ताओं के लिए अच्छी बात है।”

एनएसक्यूएफ हरियाणा ने साबित किया है कि छात्रों को ऐकेडमिक, शैक्षिक, तकनीकी, सामाजिक, मनोरंजन और कार्यस्थल की तैयारी के लिए एनैबलिंग माहौल से स्थिति में भारी बदलाव आ सकता है। कुशल मानवशक्ति की महत्ता को समय की आवश्यकता के रूप में देखते हुए राज्य सरकार ने आगे बढ़कर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की स्टार योजना को को लागू करना संभव किया है और इसके लिए मौजूदा संरचना मुहैया कराई है जो प्रयोगशाला, फैकल्टी, आदि के रूप में है ताकि इस योजना के लाभ का विस्तार स्कूल छोड़ चुके बच्चों के साथ-साथ पास कर चुके और मौजूदा छात्रों को मिल सके।

 

 
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